8 मई 2026The SabaiHealth TeamThe SabaiHealth Teamहिंदी

ठुड्डी और जबड़े पर बार-बार पिंपल क्यों आते हैं? असली वजह और सही उपाय

ठुड्डी और जबड़े पर बार-बार पिंपल क्यों आते हैं? असली वजह और सही उपाय

तीन हफ्ते पहले ठुड्डी पर एक दाना निकला था। सोचा था तीन-चार दिन में चला जाएगा, जैसे पहले जाते थे। अभी भी है, और अब उसके बगल में एक और निकल आया है। फेस वॉश बदला, पानी ज़्यादा पिया, हल्दी-नींबू लगाया, यूट्यूब पर घरेलू नुस्खे देखे। कुछ काम नहीं आया।

यह इसलिए नहीं हो रहा कि आपने सही चीज़ नहीं आज़माई। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि 25 के बाद जबड़े और ठुड्डी पर आने वाले पिंपल किशोरावस्था के मुंहासों से बिल्कुल अलग होते हैं। उनकी वजह अलग है, उनका इलाज अलग है।

25 के बाद के मुंहासे किशोरावस्था के पिंपल से कैसे अलग हैं?

किशोरावस्था में मुंहासे होते हैं क्योंकि शरीर में पहली बार हॉर्मोन का तूफान आता है। वो ज़्यादातर माथे, नाक और गालों के ऊपरी हिस्से पर होते हैं और समय के साथ कम होते हैं। लेकिन 25 के बाद जो दाने आते हैं, वो नीचे होते हैं, ठुड्डी और जबड़े पर। ये गहरे होते हैं, त्वचा के भीतर से उठते हैं, दबाने पर दर्द होता है और हफ्तों नहीं जाते।

भारत के त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार अब स्किन क्लीनिक में आने वाले 40 से 50 प्रतिशत मरीज़ 25 साल से ज़्यादा उम्र के हैं। यह पहले ऐसा नहीं था। और इनमें सबसे ज़्यादा शिकायत ठुड्डी और जबड़े के मुंहासों की होती है।

ठुड्डी पर ही क्यों आते हैं दाने, माथे पर क्यों नहीं?

यह जानना ज़रूरी है क्योंकि इससे समझ आता है कि यह समस्या इतनी जिद्दी क्यों है।

हमारी त्वचा में ऑयल ग्लैंड्स होते हैं जो सीबम यानी प्राकृतिक तेल बनाते हैं। ठुड्डी और जबड़े के आसपास ये ग्लैंड्स एंड्रोजन नाम के हॉर्मोन के प्रति सबसे ज़्यादा संवेदनशील होते हैं। एंड्रोजन पुरुष हॉर्मोन है, लेकिन यह महिलाओं में भी होता है, बस कम मात्रा में।

जब किसी भी वजह से शरीर में एंड्रोजन बढ़ता है, तो ठुड्डी के ग्लैंड्स सबसे पहले रिएक्ट करते हैं। वो ज़रूरत से ज़्यादा सीबम बनाने लगते हैं। यह अतिरिक्त सीबम मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ मिलकर रोम छिद्रों को बंद कर देता है। और उस बंद जगह में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। नतीजा होता है वो गहरा, दर्दनाक दाना जो हफ्तों तक नहीं जाता।

यही कारण है कि सिर्फ फेस वॉश से काम नहीं चलता। बाहर की सफाई तब तक पूरी नहीं होती जब तक अंदर से हॉर्मोन का असंतुलन है।

भारत में ये चीज़ें ठुड्डी के दाने बढ़ाती हैं?

पहली और सबसे बड़ी वजह है लगातार तनाव। जब हम तनाव में होते हैं, शरीर में कोर्टिसोल नाम का हॉर्मोन बढ़ता है। कोर्टिसोल सीधे एंड्रोजन को बढ़ाता है, जो फिर ठुड्डी के ग्लैंड्स को ज़्यादा सीबम बनाने पर मजबूर करता है। ऑफिस का बोझ, घर की ज़िम्मेदारियां, पैसों की चिंता — यह सब सिर्फ दिमाग को नहीं, त्वचा को भी थकाते हैं।

दूसरी बड़ी वजह है प्रदूषण। दिल्ली, लखनऊ, पटना, कानपुर जैसे शहरों में हवा में जो बारीक कण होते हैं, वो दिन भर त्वचा पर जमते रहते हैं। ये कण सीबम और पसीने के साथ मिलकर रोम छिद्र बंद करते हैं और सूजन बढ़ाते हैं।

तीसरी वजह है खाना। ज़्यादा मीठा, मैदा, सफेद चावल और ठंडे पेय जैसे हाई-ग्लाइसेमिक खाने से इंसुलिन बढ़ता है। और जब इंसुलिन बढ़ता है, एंड्रोजन भी बढ़ता है। इससे वही चक्र शुरू होता है जो ऊपर बताया।

डेयरी भी एक बड़ा ट्रिगर है जो भारत में बहुत कम बताया जाता है। दूध, पनीर, दही और व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट — इन सबका ठुड्डी के मुंहासों से सीधा संबंध है। कई त्वचा विशेषज्ञ तीन से चार हफ्ते डेयरी कम करने की सलाह देते हैं और बहुत से मरीज़ों में साफ फर्क दिखता है।

बालों का तेल एक और ट्रिगर है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। नारियल तेल, सरसों का तेल, सिर पर लगाने वाले सीरम — ये सब बालों की जड़ से होते हुए जबड़े और ठुड्डी की त्वचा पर आ जाते हैं, खासकर गर्मी और पसीने में। ये रोम छिद्र बंद करते हैं।

और मोबाइल फोन, जिसे हम दिन में दर्जनों बार जबड़े से सटाते हैं — हर बार उस पर जमा तेल और बैक्टीरिया सीधे त्वचा पर जाते हैं।

हॉर्मोन का असंतुलन और PCOS का कनेक्शन

जिन महिलाओं को हर महीने पीरियड से ठीक एक हफ्ते पहले ठुड्डी पर दाने आते हैं, उनके लिए यह लगभग निश्चित तौर पर हॉर्मोन की वजह से होता है। मासिक चक्र के दूसरे हिस्से में एंड्रोजन प्राकृतिक रूप से बढ़ता है, और ठुड्डी के ग्लैंड्स इसे सबसे पहले महसूस करते हैं।

अगर इसके साथ पीरियड भी अनियमित हैं, पेट के आसपास वज़न बढ़ रहा है, या चेहरे पर अनचाहे बाल हैं, तो PCOS की जांच ज़रूरी है। शोध बताते हैं कि PCOS वाली महिलाओं में मुंहासे दोगुनी दर से होते हैं। एंड्रोजन और इंसुलिन की साधारण खून जांच से बहुत कुछ साफ हो जाता है।

पुरुषों में तनाव, नींद की कमी और खान-पान ही ठुड्डी के मुंहासों के सबसे आम हॉर्मोनल कारण होते हैं।

क्या करने से और बिगड़ता है?

दाना दबाना सबसे बड़ी गलती है। जब आप दाना दबाते हैं, हाथ का बैक्टीरिया अंदर जाता है, सूजन बढ़ती है और दाना और गहरा होता है। ठुड्डी के दाने वैसे भी गहरे होते हैं और आसानी से स्थायी निशान छोड़ते हैं।

बार-बार और कठोर तरीके से मुंह धोना भी नुकसानदेह है। इससे त्वचा की प्राकृतिक रक्षा परत हट जाती है और त्वचा क्षतिपूर्ति के लिए और ज़्यादा तेल बनाने लगती है। दिन में दो बार हल्के क्लेन्ज़र से धोना पर्याप्त है।

भारी मेकअप और ऐसे फाउंडेशन जिनमें मिनरल ऑयल या सिलिकॉन हो, रोम छिद्रों को बंद रखते हैं, चाहे आप ऊपर से कितना भी इलाज लगाएं।

क्या असल में काम आता है?

सैलिसिलिक एसिड एक ऐसा तत्व है जो तेल में घुलता है और रोम छिद्रों के अंदर तक जाकर सफाई करता है। यह ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और ठुड्डी की सामान्य गंदगी के लिए असरदार है।

नियासिनामाइड सीबम का उत्पादन कम करता है, सूजन घटाता है और दानों के बाद रहने वाले काले धब्बे हल्के करता है। यह लगभग सभी तरह की त्वचा पर सुरक्षित तरीके से काम करता है।

रेटिनॉल अगर लगातार तीन से छह महीने इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा की कोशिकाओं का चक्र बेहतर होता है और नए रोम छिद्र बंद होने से रुकते हैं।

डाइट में बदलाव के साथ ये तत्व बेहतर काम करते हैं। और जिन महिलाओं के दाने हर महीने पीरियड के साथ आते हैं, उनके लिए हॉर्मोन की जड़ में जाना ज़रूरी है, सिर्फ क्रीम पर्याप्त नहीं।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

अगर तीन महीने से ज़्यादा हो गए और दाने कम नहीं हो रहे, अगर त्वचा के नीचे गांठ जैसे दर्दनाक दाने बन रहे हैं, अगर निशान पड़ने लगे हैं, या अगर हर महीने पीरियड से पहले ठीक उसी जगह दाने आते हैं और स्किनकेयर से फर्क नहीं पड़ रहा, तो त्वचा विशेषज्ञ को दिखाना ज़रूरी है।

एक अच्छा डर्मेटोलॉजिस्ट पहले यह समझता है कि दाने की असली वजह हॉर्मोन है, बैक्टीरिया है, या सूजन — और उसी के अनुसार इलाज करता है। हॉर्मोनल ऐक्ने के लिए जो दवाएं उपलब्ध हैं, वो किसी काउंटर क्रीम की तुलना में बहुत अलग तरीके से काम करती हैं। निशान पड़ने से पहले मिलें।

Sabai कैसे मदद कर सकता है?

ठुड्डी के दाने इसलिए इतनी बड़ी समस्या बन जाते हैं क्योंकि इनकी वजह अक्सर एक नहीं, कई होती हैं। तनाव, डाइट, हॉर्मोन, प्रदूषण, नींद — यह सब एक साथ असर करते हैं। यह पहचानना मुश्किल होता है कि आपके लिए सबसे बड़ी वजह कौन सी है।

Sabai आपके दानों का पैटर्न समझता है। आपका पीरियड कब आता है, दाने कब आते हैं, क्या खाने से बढ़ते हैं — समय के साथ यह तस्वीर साफ होती है। और Sabai बताता है कि यह स्किनकेयर से ठीक होने वाला मामला है या डॉक्टर से मिलने का वक्त आ गया है।

अगर आप बार-बार ठुड्डी के दानों से परेशान हैं और हर बार शुरू से शुरू करते-करते थक गए हैं, तो आज Sabai से बात करें। WhatsApp, LINE और Telegram पर बिल्कुल मुफ्त।

चिकित्सा अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।
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